नफ़रत लाख मिली मुझे चाहत नहीं मिली, जिंदगी बीत चली पर गम से राहत नहीं मिली, उसकी महफ़िल में हर शख्स को हंसते देखा, एक हम थे की हंसने की भी इजाजत नहीं मिली,

टूटा तारा देख कर दिल ने कहा मांग ले तू फ़रियाद कोई, मैंने कहा जो खुद टूट रहा है, कैसे पूरी करेगा वो मुराद कोई..

Uski Baahon Mein Sone Ka Abhi Tak Shauk Hai Mujhko, Mohabbat Mein Ujad Kar Bhi Meri Aadat Nahi Badli. उसकी बाहों में सोने का अभी तक शौक है मुझको, मोहब्बत में उजड़ कर भी मेरी आदत नहीं बदली।

Iss Mohabbat Ki Kitaab Ke, Bas Do Hi Sabak Yaad Huye, Kuchh Tum Jaise Aabaad Huye, Kuchh Hum Jaise Barbaad Huye. इस मोहब्बत की किताब के, बस दो ही सबक याद हुए, कुछ तुम जैसे आबाद हुए, कुछ हम जैसे बरबाद हुए।

Iss Mohabbat Ki Kitaab Ke, Bas Do Hi Sabak Yaad Huye, Kuchh Tum Jaise Aabaad Huye, Kuchh Hum Jaise Barbaad Huye. इस मोहब्बत की किताब के, बस दो ही सबक याद हुए, कुछ तुम जैसे आबाद हुए, कुछ हम जैसे बरबाद हुए।